Tuesday, January 20, 2009

सैलाब

दोस्ती के भी कुछ अंदाज़ होते है,
जागती आंखों मैं भी कुछ ख्वाब होते हैं,
जरूरी नही की गम में आंसूं निकले,
मुस्कुराती आंखों में भी सैलाब होते हैं…………………..

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